उड़ान यात्री कैफे एयरपोर्ट पर खुला एक सस्ता खाने-पीने का स्टॉल है। इसे इसलिए शुरू किया गया ताकि यात्रियों को कम दाम में अच्छा खाना मिल सके। आमतौर पर एयरपोर्ट पर खाना बहुत महंगा होता है, इसलिए लोगों को राहत देने के लिए यह पहल की गई। खासकर मध्यम वर्ग और बजट में सफर करने वालों के लिए यह फायदेमंद है। अब जानते हैं कि इसका आइडिया क्या है और इसे किसने शुरू किया।
Udan Yatri Cafe क्या है?
देश के कई हवाई अड्डों पर यात्रियों को राहत देने के उद्देश्य से उड़ान यात्री कैफे की शुरुआत की गई है। यह एक किफायती फूड आउटलेट है, जहां चाय, कॉफी और हल्का भोजन कम दाम पर उपलब्ध कराया जाता है।

एयरपोर्ट पर खाने-पीने की ऊंची कीमतों को लेकर लंबे समय से शिकायतें मिलती रही हैं। इसी समस्या को देखते हुए यह पहल शुरू की गई, ताकि आम और मध्यम वर्ग के यात्री भी बिना ज्यादा खर्च के भोजन कर सकें।
इसका मुख्य उद्देश्य हवाई यात्रा को अधिक सुविधाजनक और सुलभ बनाना है, जिससे यात्रियों को जरूरी सुविधाएं उचित कीमत पर मिल सकें।
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Raghav Chadha का Udan Yatri Cafe से क्या संबंध है?

Raghav Chadha ने संसद और सार्वजनिक मंचों पर एयरपोर्ट पर खाने-पीने की ऊंची कीमतों का मुद्दा जोर-शोर से उठाया था। उनका कहना था कि जब सरकार हवाई यात्रा को आम लोगों तक पहुंचाने की बात करती है, तो एयरपोर्ट पर बुनियादी चीजें जैसे चाय, पानी और खाना भी किफायती होना चाहिए।
कई यात्रियों की शिकायत थी कि एयरपोर्ट पर साधारण भोजन भी बहुत महंगा मिलता है, जिससे मध्यम वर्ग और बजट यात्रियों पर अतिरिक्त बोझ पड़ता है।उड़ान यात्री कैफे का उद्देश्य भी इसी समस्या का समाधान करना है। इस पहल के जरिए यात्रियों को उचित दाम पर खाना उपलब्ध कराने की कोशिश की गई है, ताकि एयरपोर्ट पर भी आम आदमी बिना ज्यादा खर्च के भोजन कर सके।
यही कारण है कि उड़ान यात्री कैफे को राघव चड्ढा द्वारा उठाए गए मुद्दे से जोड़ा जाता है, क्योंकि उन्होंने सस्ते और सुलभ एयरपोर्ट फूड की जरूरत पर खुलकर आवाज उठाई थी।
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Udan Yatri Cafe खबरों में क्यों है?
हाल ही में एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ, जिसकी वजह से उड़ान यात्री कैफे चर्चा में आ गया। यह वीडियो IIT बॉम्बे के पूर्व छात्र पीयूष त्रिपाठी ने इंस्टाग्राम पर शेयर किया था। वीडियो में वह अपनी पत्नी के साथ एयरपोर्ट पर नजर आते हैं और मजाक में पूछते हैं, “समोसा खाओगी एयरपोर्ट पर?” फिर वह उन्हें उड़ान यात्री कैफे लेकर जाते हैं।
कैफे पर दोनों 20 रुपये का समोसा और 10 रुपये की चाय लेते हैं। वीडियो में मजाक-मजाक में उनकी पत्नी कहती हैं कि यह सुविधा राघव चड्ढा की वजह से मिली है। पोस्ट का कैप्शन भी सस्ते दाम को लेकर था। यह वीडियो अब तक 1 करोड़ से ज्यादा बार देखा जा चुका है, जिससे कैफे सुर्खियों में आ गया।
Raghav Chadha ने एयरपोर्ट के महंगे खाने पर क्या कहा?
यह मुद्दा साल 2024 के शीतकालीन सत्र के दौरान चर्चा में आया, जब Raghav Chadha ने संसद में एयरपोर्ट पर खाने-पीने की बढ़ती कीमतों को लेकर सरकार से सवाल किए। उन्होंने कहा कि आम यात्रियों को एक पानी की बोतल के लिए करीब 100 रुपये और साधारण चाय के लिए 200 से 250 रुपये तक चुकाने पड़ते हैं, जो कि बेहद ज्यादा है।

उनका तर्क था कि जब सरकार हवाई यात्रा को आम लोगों के लिए सुलभ बनाने की बात करती है, तो एयरपोर्ट पर जरूरी सुविधाएं भी किफायती होनी चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि जैसे रेलवे स्टेशनों पर सस्ती कैंटीन या फूड स्टॉल होते हैं, वैसे ही एयरपोर्ट पर भी आम यात्रियों के लिए उचित दाम पर भोजन उपलब्ध कराया जाना चाहिए।
उनके इस बयान के बाद एयरपोर्ट पर महंगे खाने का मुद्दा राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आया। सोशल मीडिया और खबरों में भी यह बहस तेज हुई कि क्या एयरपोर्ट पर जरूरी सामान वाजिब कीमत पर नहीं मिलना चाहिए। बाद में जब उड़ान यात्री कैफे जैसी पहल सामने आई, तो इसे उसी मुद्दे से जोड़कर देखा गया, क्योंकि इसका उद्देश्य भी यात्रियों को सस्ती दरों पर भोजन उपलब्ध कराना है।
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