Prakhar ki Mout - Inbriefy

PSIT कानपुर छात्र मौत मामला: प्रखर की मौत के बाद कैंपस में बवाल, जानिए क्यों भड़के छात्र

PSIT कानपुर में छात्र प्रखर की मौत के बाद कैंपस में हंगामा हुआ। छात्रों ने मुआवजा और जांच की मांग की, जबकि कॉलेज प्रबंधन के रवैये पर गंभीर सवाल उठे।

निर्माण कार्य के दौरान हादसा, बीसीए छात्र की मौत

PSIT कानपुर में हादसा प्रखर की मौत- Inbriefy.com

कानपुर के सचेंडी क्षेत्र में स्थित PSIT कॉलेज में निर्माण कार्य के दौरान हुए एक हादसे में बीसीए अंतिम वर्ष के छात्र प्रखर की मौत हो गई। सोमवार शाम कॉलेज परिसर के पीछे निर्माण कार्य चल रहा था। 

इसी दौरान धूल का गुबार उठने से बाइक सवार छात्र को सामने खड़ा बैकहो लोडर दिखाई नहीं दिया और उसकी टक्कर हो गई। टक्कर इतनी तेज थी कि वह गंभीर रूप से घायल हो गया। 

उसे तुरंत रीजेंसी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां रात करीब दो बजे इलाज के दौरान उसकी मृत्यु हो गई। इस घटना के बाद पूरे कॉलेज में शोक और आक्रोश का माहौल बन गया।

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धूल और तेज रफ्तार कार बनी हादसे की वजह

जानकारी के अनुसार, जब छात्र बाइक से परिसर से गुजर रहा था, उसी समय एक तेज रफ्तार कार उसके आगे से निकली। कार के गुजरते ही धूल का घना गुबार उठ गया, जिससे आगे का रास्ता साफ दिखाई नहीं दिया। 

धूल के कारण छात्र सीधे सामने खड़े बैकहो लोडर से जा टकराया। हादसे में उसकी किडनी, फेफड़े और पैंक्रियाज को गंभीर नुकसान पहुंचा। 

डॉक्टरों ने पूरी कोशिश की, लेकिन उसकी जान नहीं बचाई जा सकी। मृतक प्रखर रतनलाल नगर के रहने वाले थे। उनके पिता प्रभाकर सिंह खाद कारोबारी हैं और परिवार में मां व छोटा भाई भी हैं।

मौत के बाद छात्रों और परिजनों का प्रदर्शन

घटना के तीसरे दिन बुधवार को बड़ी संख्या में छात्र और परिजन कॉलेज पहुंचे। उन्होंने मुआवजे और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। 

छात्रों ने कॉलेज प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया। उनका कहना था कि निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए थे, जिससे यह दुर्घटना हुई। 

कुछ आक्रोशित छात्रों ने परिसर में तोड़फोड़ भी की। छात्रों ने यह भी आरोप लगाया कि छात्र की मौत के बाद भी कॉलेज में कार्यक्रम आयोजित किए गए और शोक सभा नहीं की गई, जिससे उनकी भावनाएं आहत हुईं।

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हंगामे के दौरान पुलिस का लाठीचार्ज

स्थिति बिगड़ने पर सचेंडी थाना पुलिस सहित कई थानों की फोर्स मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने छात्रों और परिजनों को समझाने की कोशिश की, लेकिन हंगामा बढ़ता गया। 

मौके पर डीसीपी और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी पहुंचे। कुछ समय बाद पीएसी को भी बुलाया गया। हालात नियंत्रण से बाहर होते देख पुलिस ने बल प्रयोग किया और लाठीचार्ज कर छात्रों को हटाने की कोशिश की। 

इससे छात्रों का आक्रोश और बढ़ गया। पुलिस और छात्रों के बीच धक्का-मुक्की भी हुई। इसके बाद भी छात्र दोबारा इकट्ठा होकर प्रशासनिक कार्यालय के बाहर धरने पर बैठ गए।

कॉलेज प्रबंधन ने किए कई अहम ऐलान

घटना के बाद पीएसआईटी के निदेशक प्रो. राघवेंद्र सिंह ने छात्रों और अभिभावकों से जुड़े कई निर्णयों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि मृत छात्र की पूरी फीस वापस की जाएगी और परिजनों को उचित मुआवजा दिया जाएगा। 

सुरक्षा जमा राशि को फिलहाल माफ किया गया है, लेकिन 75 प्रतिशत से कम उपस्थिति होने पर यह नियम लागू रहेगा। परीक्षाओं के दौरान उपस्थिति नियम में भी छात्रों के प्रति नरमी बरती जाएगी। निर्माण कार्य छात्रों के आने-जाने के समय नहीं किया जाएगा और सुरक्षा उपायों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

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छात्रों के लिए नई व्यवस्था और आश्वासन

कॉलेज प्रशासन ने बताया कि सभी गेटों से छात्रों का प्रवेश होगा, केवल गेट नंबर 7 बंद रहेगा। यदि कोई छात्र किसी एक लेक्चर में देर से पहुंचता है तो उसे पूरे दिन अनुपस्थित नहीं माना जाएगा। 

परिसर में मनोवैज्ञानिक परामर्शदाता उपलब्ध रहेंगे। हॉस्टल में रहने वाले छात्र-छात्राओं के लिए लाइब्रेरी का समय समान रखा जाएगा। लेक्चर के दौरान किसी छात्र की तबीयत खराब होने पर उसे हॉस्टल में आराम करने की अनुमति दी जाएगी। 

साथ ही, इस घटना से जुड़े प्रदर्शन को लेकर किसी भी छात्र के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी।

प्रखर की मौत के बाद कॉलेज प्रबंधन पर सवाल, सोशल मीडिया पोस्ट से बढ़ी नाराजगी

प्रखर की मौत के बाद सोशल मीडिया पर सामने आई एक पोस्ट ने कॉलेज प्रबंधन के रवैये पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पोस्ट में आरोप लगाया गया है कि छात्र की मौत की खबर आने के बावजूद कॉलेज में जश्न की तैयारियां जारी थीं और परिसर में रोशनी व सजावट की जा रही थी। 

इसमें यह भी कहा गया कि प्रबंधन ने संवेदनशीलता नहीं दिखाई और आधिकारिक पेज पर कार्यक्रम से जुड़े पोस्ट साझा किए जाते रहे। साथ ही, लंबे समय से छात्रों में असंतोष, फाइन और अनुशासन के नाम पर सख्ती जैसे मुद्दों का भी जिक्र किया गया है

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