Missing Girls Delhi Police - Inbriefy.com

Social Media Par Missing Girls Ka Drama? Delhi Police Ne Kaha – Action Hoga

पुलिस के मुताबिक, कुछ लोगों ने जानबूझकर लापता लड़कियों के झूठे आंकड़े फैलाए, ताकि लोगों में डर फैले और उन्हें निजी लाभ हो पुलिस के मुताबिक, लापता लोगों की संख्या जानबूझकर बढ़ा-चढ़ाकर बताई गई थी, ताकि डर फैले और कुछ लोगों को फायदा हो।

पैसे के लिए फैलाया गया डर? दिल्ली पुलिस की सख्त चेतावनी

दिल्ली पुलिस ने कहा है कि लापता लोगों को लेकर जो डर फैलाया जा रहा था, वह प्रचार और प्रमोशन की वजह से था। 

सोशल मीडिया पर यह दावा किया जा रहा था कि जनवरी के पहले 15 दिनों में 807 लोग लापता हो गए हैं, जिससे लोगों में डर फैल गया।
पुलिस ने साफ कहा है कि जो लोग पैसे कमाने या निजी फायदे के लिए डर फैला रहे हैं, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

Paid Promotion से फैला लापता लड़कियों का हंगामा, पुलिस का कड़ा रुख

दिल्ली पुलिस ने कहा है कि कुछ सुरागों की जांच के बाद पता चला है कि दिल्ली में लापता लड़कियों की संख्या को लेकर जो हंगामा मचाया गया, वह पैसे देकर किए गए प्रमोशन का नतीजा है।

पुलिस ने साफ कहा कि पैसे कमाने के लिए डर फैलाना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।

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लापता लोगों का डेटा क्या कहता है

पुलिस ने बताया कि जनवरी महीने में 1,777 लापता होने के मामले दर्ज हुए। यह संख्या न तो हर महीने के औसत से ज्यादा है और न ही पिछले साल जनवरी से ज्यादा।
तुलना करें तो 2025 में पूरे साल में 24,508 लापता मामले दर्ज हुए थे, यानी हर महीने औसतन करीब 2,042 मामले।

इसी वजह से पुलिस का कहना है कि जनवरी में लापता मामलों में कोई अचानक बढ़ोतरी नहीं हुई, और न ही कोई नया खतरनाक रुझान दिख रहा है।

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पुलिस के आंकड़ों के मुताबिक, 2016 से हर साल लापता मामलों की संख्या लगभग 23,000 से 24,000 के बीच ही रही है, जबकि दिल्ली की आबादी लगातार बढ़ी है।

पुलिस ने यह भी कहा कि लापता लोगों को ढूंढना समय के साथ होता है। इसके लिए ‘ऑपरेशन मिलाप’ और AI तकनीक जैसे टूल्स की मदद ली जा रही है, जिससे कई लोगों को सुरक्षित वापस लाया गया है।


ऑनलाइन शिकायत की सुविधा  लेकिन हजारों लड़कियां अब भी लापता

दिल्ली पुलिस ने लापता लोगों की शिकायत दर्ज करने के लिए आसान और ऑनलाइन सुविधा दी हुई है। कोई भी व्यक्ति घर बैठे शिकायत कर सकता है।

इसके बावजूद चिंता की बात यह है कि कई मामले अब तक सुलझ नहीं पाए हैं।
पुलिस के आंकड़ों के अनुसार, 2016 में 1,606 लड़कियां लापता थीं, जो अब बढ़कर 2025 में 5,576 हो गई हैं, जिन्हें अब तक ढूंढा नहीं जा सका है।

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