मिडिल ईस्ट युद्ध को लेकर पीएम मोदी ने लोकसभा में देश को सतर्क रहने की सलाह दी। उन्होंने अफवाहों और जमाखोरी से बचने, खाद्य सुरक्षा बनाए रखने और विदेशों में फंसे भारतीयों की मदद को लेकर सरकार की तैयारी बताई।
मध्य पूर्व युद्ध पर पीएम मोदी का संसद में बयान
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा में मध्य पूर्व में चल रहे युद्ध और उसके भारत पर असर को लेकर विस्तार से बात की। उन्होंने कहा कि यह वैश्विक स्थिति लंबे समय तक चुनौतीपूर्ण बनी रह सकती है, इसलिए देश को पहले से तैयार रहना होगा। पीएम ने कोरोना महामारी का उदाहरण देते हुए कहा कि उस समय भी भारत ने एकजुट होकर कठिन हालात का सामना किया था।

उन्होंने सभी राजनीतिक दलों और सरकारों से अपील की कि इस समय भी एकजुट रहना बेहद जरूरी है, ताकि किसी भी संकट का सही तरीके से सामना किया जा सके।
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अफवाहों और जमाखोरी से सावधान रहने की अपील
प्रधानमंत्री ने चेतावनी दी कि ऐसे संकट के समय कुछ लोग अफवाह फैलाकर और जमाखोरी करके हालात का फायदा उठाने की कोशिश करते हैं। उन्होंने राज्य सरकारों को खास तौर पर सतर्क रहने की सलाह दी और कहा कि ऐसे लोगों पर सख्त निगरानी और तुरंत कार्रवाई जरूरी है।
पीएम मोदी ने कहा कि लोगों को भी जागरूक रहना चाहिए और किसी भी गलत जानकारी पर भरोसा नहीं करना चाहिए। सरकार की सभी एजेंसियों जैसे सीमा सुरक्षा, तटीय सुरक्षा और साइबर सुरक्षा को पहले से अलर्ट पर रखा गया है ताकि देश की सुरक्षा बनी रहे।
खाद्य सुरक्षा और किसानों को लेकर सरकार का भरोसा
प्रधानमंत्री ने कहा कि युद्ध का असर खेती पर भी पड़ सकता है, लेकिन देश के किसानों ने पहले ही अनाज का अच्छा भंडारण कर रखा है, जिससे फिलहाल खाद्य संकट की स्थिति नहीं है। सरकार का प्रयास है कि खरीफ फसल की कटाई भी बिना किसी परेशानी के पूरी हो।
उन्होंने बताया कि पहले भी वैश्विक संकटों के दौरान सरकार ने किसानों पर अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ने दिया। इससे यह स्पष्ट होता है कि सरकार किसानों और खाद्य सुरक्षा को लेकर पूरी तरह सतर्क है और जरूरी कदम उठा रही है।
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महंगे उर्वरक के बावजूद सरकार ने दिया सहारा
पीएम मोदी ने बताया कि कोरोना महामारी और उसके बाद के युद्धों के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में उर्वरकों की कीमतें काफी बढ़ गई थीं और उनकी कमी भी हो गई थी। इसके बावजूद सरकार ने देश में संकट नहीं आने दिया। उन्होंने कहा कि जहां अंतरराष्ट्रीय बाजार में यूरिया की कीमत करीब 3000 रुपये प्रति बैग है,
वहीं भारत में इसे किसानों को केवल 300 रुपये में दिया गया। इसके लिए सरकार ने 12 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा की सब्सिडी दी। इससे किसानों को बड़ी राहत मिली और खेती प्रभावित नहीं हुई।

विदेशों में फंसे भारतीयों की मदद और वापसी
प्रधानमंत्री ने बताया कि युद्ध प्रभावित क्षेत्रों में फंसे भारतीयों की मदद के लिए सरकार लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि कई लोगों की जान गई और कई घायल हुए, लेकिन उनके परिवारों को हर संभव सहायता दी जा रही है। भारत और अन्य देशों में 24 घंटे आपातकालीन सेवाएं चालू हैं।
पीएम मोदी ने बताया कि अब तक 3 लाख से ज्यादा भारतीय सुरक्षित वापस लाए जा चुके हैं। साथ ही, उन्होंने विभिन्न देशों के नेताओं से बात कर भारतीयों की सुरक्षा सुनिश्चित की है।
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