Artemis 2 Launching Soon - Inbriefy.com

Artemis II Launch 2026: कब होगी उड़ान? जानें पूरी तैयारी की जानकारी

अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी NASA ने Artemis II मिशन के लिए 6 मार्च से पहले लॉन्च न करने का लक्ष्य तय किया है। हालांकि अंतिम तारीख अभी तय नहीं की गई है। लॉन्च से पहले लॉन्च पैड पर जरूरी काम पूरे किए जाएंगे, टेस्ट के आंकड़ों का विश्लेषण होगा और फ्लाइट रेडीनेस रिव्यू किया जाएगा।

इन सभी प्रक्रियाओं के बाद ही अंतिम निर्णय लिया जाएगा। एजेंसी का कहना है कि सभी तकनीकी और सुरक्षा मानकों को पूरा करना जरूरी है। इसी बीच मिशन से जुड़े चारों अंतरिक्ष यात्री लॉन्च की तैयारी के तहत जरूरी प्रक्रियाओं से गुजर रहे हैं, ताकि तय समय पर मिशन को सुरक्षित तरीके से शुरू किया जा सके।

Nasa Artemis II - Inbriefy

NASA Artemis II: मिशन से पहले चारों एस्ट्रोनॉट क्वारंटीन में गए

Artemis II मिशन में शामिल चारों अंतरिक्ष यात्री शुक्रवार शाम लगभग 5 बजे ह्यूस्टन में क्वारंटीन में चले गए। क्वारंटीन आमतौर पर लॉन्च से करीब 14 दिन पहले शुरू होता है। इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि अंतरिक्ष यात्री पूरी तरह स्वस्थ रहें और उन्हें किसी भी प्रकार का संक्रमण न हो।

इस मिशन में रीड वाइजमैन, विक्टर ग्लोवर और क्रिस्टीना कोच के साथ कनाडाई अंतरिक्ष एजेंसी के जेरेमी हैंसन शामिल हैं। क्वारंटीन के दौरान वे बाहरी लोगों से सीमित संपर्क रखेंगे। लॉन्च से लगभग पांच दिन पहले यह दल फ्लोरिडा स्थित कैनेडी स्पेस सेंटर जाएगा।

NASA Artemis II Test: लॉन्च से पहले रॉकेट में सफलतापूर्वक ईंधन भरा गया

NASA ने 19 फरवरी को दूसरी वेट ड्रेस रिहर्सल सफलतापूर्वक पूरी की। इस दौरान एजेंसी के Kennedy Space Center में SLS रॉकेट में 7 लाख गैलन से अधिक तरल ईंधन भरा गया। वेट ड्रेस रिहर्सल में लॉन्च की पूरी प्रक्रिया का अभ्यास किया जाता है, जिसमें उलटी गिनती भी शामिल होती है। इंजीनियरों ने लॉन्च काउंटडाउन के अंतिम चरण ‘टर्मिनल काउंट’ का दो बार अभ्यास किया।

Also Read: Controversy Deepens Around Galgotias University at AI Summit

साथ ही, क्लोजआउट टीम ने ओरियन अंतरिक्ष यान के हैच बंद करने की प्रक्रिया का भी प्रदर्शन किया। मिशन के चारों अंतरिक्ष यात्रियों ने इस परीक्षण के एक हिस्से को लॉन्च कंट्रोल सेंटर से देखा।

Hydrogen Fuel भरने की प्रक्रिया पर खास निगरानी

Artemis 2 fuel fill

इस परीक्षण के दौरान तरल हाइड्रोजन ईंधन भरने की प्रक्रिया पर विशेष ध्यान दिया गया, क्योंकि पहले के परीक्षणों में यह चुनौतीपूर्ण साबित हुई थी। इस बार हाइड्रोजन गैस का स्तर निर्धारित सीमा के भीतर रहा। इससे इंजीनियरों को नए सील सिस्टम पर भरोसा मिला, जिन्हें रॉकेट तक ईंधन पहुंचाने वाली प्रणाली में लगाया गया है।

हालांकि शुरुआती चरण में लॉन्च कंट्रोल सेंटर में ग्राउंड कम्युनिकेशन अस्थायी रूप से बाधित हो गया था। टीम ने बैकअप संचार प्रणाली का उपयोग कर ईंधन भरने की प्रक्रिया सुरक्षित रूप से जारी रखी। बाद में सामान्य संचार बहाल कर दिया गया और समस्या पैदा करने वाले उपकरण की पहचान कर ली गई।

Also Read: Vivo V70 Series 5G to Launch in India Today

Moon Mission तैयारी: लॉन्च पैड पर सुरक्षा सिस्टम की सर्विसिंग जारी

आने वाले दिनों में तकनीशियन मोबाइल लॉन्चर पर अस्थायी प्लेटफॉर्म लगाएंगे। इन प्लेटफॉर्म की मदद से वे SLS रॉकेट के सॉलिड रॉकेट बूस्टर और कोर स्टेज के हिस्सों तक पहुंच सकेंगे। यहां फ्लाइट टर्मिनेशन सिस्टम की सर्विसिंग और दोबारा जांच की जाएगी ताकि ईस्टर्न रेंज की सुरक्षा आवश्यकताओं को पूरा किया जा सके। यह व्यवस्था पिछले आर्टेमिस I मिशन से मिली सीख के आधार पर तैयार की गई है।

इसका फायदा यह है कि अब सुरक्षा प्रणाली की पूरी जांच लॉन्च पैड पर ही हो सकेगी और रॉकेट को वापस व्हीकल असेंबली बिल्डिंग में ले जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

Mission Objective: चंद्रमा से आगे की तैयारी

आर्टेमिस कार्यक्रम को अंतरिक्ष अनुसंधान के नए दौर की शुरुआत माना जा रहा है। Artemis II मिशन के तहत अंतरिक्ष यात्री चंद्रमा की परिक्रमा करेंगे। यह एक परीक्षण उड़ान है, जिसका मकसद भविष्य के मानवयुक्त मिशनों की तैयारी करना है।

इस कार्यक्रम के जरिए अमेरिका चंद्रमा की सतह पर नए मानव मिशन भेजने की योजना बना रहा है। साथ ही, आगे चलकर मंगल ग्रह पर मानव भेजने की दिशा में भी यह महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। NASA का कहना है कि यह मिशन अंतरिक्ष अन्वेषण के अगले चरण की आधारशिला साबित होगा।

-End

Comments

No comments yet. Why don’t you start the discussion?

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *