हरविंदर सिंह संधू उर्फ रिंदा का नाम भारत के सबसे खतरनाक अपराधियों में लिया जाता है। एक समय का लोकल गैंगस्टर कैसे इंटरनेशनल आतंकवादी बना और उसकी मौत को लेकर आज भी सवाल क्यों उठते हैं इस रिपोर्ट में पूरी कहानी आसान भाषा में समझिए।
Harvinder Singh Rinda का शुरुआती जीवन और परिवारिक पृष्ठभूमि

हरविंदर सिंह संधू उर्फ रिंदा का जन्म पंजाब के तरनतारन जिले में हुआ था। बाद में उसका परिवार महाराष्ट्र के नांदेड़ में बस गया, जहां उसने अपनी शुरुआती पढ़ाई पूरी की। परिवार खेती-बाड़ी से जुड़ा हुआ था और आर्थिक रूप से सामान्य स्थिति में था।
बचपन में रिंदा का जीवन आम युवाओं जैसा ही था, लेकिन जमीन विवादों और पारिवारिक तनाव ने उसके जीवन की दिशा बदल दी। यही विवाद आगे चलकर उसके अपराध की दुनिया में प्रवेश का मुख्य कारण बना। शुरुआती जीवन में कोई बड़ा आपराधिक रिकॉर्ड नहीं था, लेकिन परिस्थितियों ने उसे धीरे-धीरे हिंसा की ओर धकेल दिया।
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पहला अपराध और जेल के अंदर बना खतरनाक नेटवर्क
साल 2008 में जमीन विवाद के चलते रिंदा ने अपने ही रिश्तेदार की हत्या कर दी, जिसके बाद उसके खिलाफ IPC 302 के तहत केस दर्ज हुआ। जेल में रहने के दौरान उसका व्यवहार बेहद हिंसक हो गया।
उसने जेल अधिकारियों पर हमला किया, जिससे उसे कई बार अलग-अलग जेलों में शिफ्ट करना पड़ा। इसी दौरान उसने अपराधियों के साथ मजबूत नेटवर्क बनाया और खुद को एक खतरनाक अपराधी के रूप में स्थापित किया।
जेल ही वह जगह बनी जहां उसका व्यक्तित्व पूरी तरह बदल गया और उसने संगठित अपराध की दुनिया में गहराई से कदम रखे।
जेल से बाहर आने के बाद गैंगस्टर के रूप में उभार
2014 में जमानत मिलने के बाद रिंदा महाराष्ट्र लौट आया और वहां उसने व्यापारियों से वसूली और एक्सटॉर्शन शुरू कर दिया। उसके खिलाफ हत्या, हत्या की कोशिश और आर्म्स एक्ट जैसे कई मामले दर्ज हुए। 2016 में अपने भाई की हत्या के बाद उसने बदले की कार्रवाई में कई हत्याएं कीं

जिससे उसका नाम बड़े अपराधियों में शामिल हो गया। इसी समय पुलिस ने उसे प्रोक्लेम्ड ऑफेंडर घोषित कर दिया। रिंदा का नेटवर्क महाराष्ट्र, पंजाब और हरियाणा तक फैल चुका था और वह लगातार फरार रहते हुए अपने गैंग को ऑपरेट कर रहा था।
इंटरनेशनल नेटवर्क, ISI कनेक्शन और आतंकवादी गतिविधियां
2016 के बाद रिंदा भारत से फरार होकर विदेश पहुंच गया, जहां उसके पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI और आतंकी संगठनों से संबंध जुड़ने लगे। रिपोर्ट्स के अनुसार, वह भारत में हथियार, ड्रग्स और विस्फोटक भेजने के नेटवर्क से जुड़ा था। कई ग्रेनेड हमलों और ब्लास्ट की साजिशों में उसका नाम सामने आया।
2022 में इंटरपोल ने उसके खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया और NIA ने उस पर इनाम घोषित किया। बाद में भारत सरकार ने उसे UAPA के तहत आतंकवादी घोषित कर दिया, जिससे वह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी एक बड़ा खतरा बन गया।
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Harvinder Singh Rinda की मौत का रहस्य—सच या अफवाह?

नवंबर 2022 में खबर आई कि रिंदा की पाकिस्तान में मौत हो गई है, जिसके पीछे अलग-अलग कारण बताए गए ड्रग ओवरडोज, गैंग राइवलरी और बीमारी। हालांकि, कुछ महीनों बाद इंटेलिजेंस इनपुट्स ने संकेत दिया कि वह अभी भी जिंदा हो सकता है।
इसी वजह से उसकी मौत पर आज भी संदेह बना हुआ है। 2023 में भी उसका नाम कई मामलों में सामने आया, जिससे यह शक और गहरा हो गया। सवाल यही है कि क्या रिंदा सच में मर चुका है या फिर वह अभी भी पर्दे के पीछे सक्रिय है इसका स्पष्ट जवाब अब तक सामने नहीं आया है।
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