Strait of Hormuz open for India: ईरान ने भारत को दी बड़ी राहत, फंसे जहाजों को मिला रास्ता और LPG सप्लाई फिर शुरू होने की उम्मीद। जानें पूरा मामला आसान भाषा में।
Strait of Hormuz खुलने से भारत को बड़ी राहत

strait of hormuz open for india अब एक बड़ी राहत की खबर बनकर सामने आई है। ईरान ने कहा है कि वह भारत को इस रास्ते से गुजरने की अनुमति देगा। इससे उन 20 भारतीय जहाजों को फायदा होगा जो पहले से ही इस क्षेत्र में फंसे हुए थे।
अब ये जहाज सुरक्षित तरीके से आगे बढ़ सकेंगे। साथ ही 18 खाली LPG टैंकर भी इस रास्ते से गुजरकर गैस लोड कर पाएंगे। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब यह इलाका संघर्ष का केंद्र बना हुआ है, जिससे व्यापार पर असर पड़ा था।
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ईरान ने किन देशों को दी अनुमति
ईरान के विदेश मंत्री Seyed Abbas Araghchi ने कहा कि कुछ खास देशों को ही इस रास्ते से गुजरने की अनुमति दी गई है। इनमें भारत, चीन, रूस, इराक और पाकिस्तान शामिल हैं। उन्होंने साफ कहा कि जो देश ईरान के विरोधी हैं, उनके जहाजों को यहां से गुजरने नहीं दिया जाएगा।

उन्होंने यह भी कहा कि यह इलाका अभी युद्ध क्षेत्र जैसा है, इसलिए हर किसी को अनुमति देना संभव नहीं है। इस फैसले से साफ है कि ईरान अपने सहयोगी देशों को ही प्राथमिकता दे रहा है।
भारत को ‘मित्र देश’ की सूची में शामिल किया गया
ईरान द्वारा भारत को ‘मित्र देश’ की सूची में शामिल करना कई लोगों के लिए चौंकाने वाला रहा। आमतौर पर रूस और चीन को ईरान के करीबी माना जाता है, लेकिन भारत का नाम भी इस सूची में आना एक महत्वपूर्ण संकेत है। इससे भारत और ईरान के संबंध मजबूत दिखते हैं।
इसके अलावा पाकिस्तान और तुर्किये भी इस सूची में शामिल हैं। यह फैसला दिखाता है कि इस समय अंतरराष्ट्रीय राजनीति में देशों के रिश्ते किस तरह बदल रहे हैं और नए समीकरण बन रहे हैं।

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मोदी सरकार की कूटनीति का असर दिखा
strait of hormuz open for india के पीछे भारत की कूटनीति को बड़ी सफलता माना जा रहा है। प्रधानमंत्री Narendra Modi ने ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian से दो बार बातचीत की थी। उन्होंने साफ कहा था कि इस रास्ते को बंद करना सही नहीं है।
वहीं विदेश मंत्री S. Jaishankar ने भी अपने ईरानी समकक्ष से संपर्क किया था। इन प्रयासों के बाद ही यह फैसला सामने आया, जिससे भारत को राहत मिली।
भारत की गैस सप्लाई पर क्या असर पड़ेगा

भारत अपनी जरूरत का लगभग 60% कुकिंग गैस आयात करता है, जिसमें से 85-90% गैस खाड़ी देशों से आती है। हर महीने लगभग 27-30 LPG टैंकर भारत आते हैं। ऐसे में इस रास्ते का खुलना बहुत जरूरी था। अब जो जहाज भारत पहुंचेंगे, वे गैस खाली करके वापस नई खेप लेने जा सकेंगे।
अगर कमी होती है तो भारत अमेरिका, अर्जेंटीना, नॉर्वे, कनाडा और रूस से भी गैस ले रहा है। कुछ माल दूसरे समुद्री रास्तों से पहले ही भारत पहुंच चुका है, जिससे सप्लाई बनी हुई है।
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