All party meeting today संसद में वेस्ट एशिया संकट पर बड़ी बैठक हुई, जिसमें राजनाथ सिंह, अमित शाह समेत कई बड़े नेता शामिल हुए और हालात पर अहम चर्चा की गई।
All party meeting today: संसद में शुरू हुई बड़ी बैठक
All party meeting today संसद में वेस्ट एशिया संकट को लेकर एक बड़ी बैठक शुरू हुई। इस बैठक की अध्यक्षता रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने की। सरकार ने यह बैठक बुधवार शाम करीब 5 बजे बुलाई।

यह बैठक उस संघर्ष के बाद बुलाई गई है जो 28 फरवरी को अमेरिका और इजराइल के ईरान पर हमलों से शुरू हुआ। इस बैठक में सरकार ने सभी दलों के नेताओं को बुलाया ताकि स्थिति पर चर्चा की जा सके।
बैठक का मकसद देश के सामने आने वाली चुनौतियों पर विचार करना और सभी को जानकारी देना है। यह बैठक संसद भवन के अंदर आयोजित की गई।
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All party meeting today: कौन-कौन नेता हुए शामिल
All party meeting today इस बैठक में कई बड़े नेता और मंत्री शामिल हुए। इसमें गृह मंत्री अमित शाह, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, विदेश मंत्री एस जयशंकर और पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी मौजूद रहे।
इसके अलावा कई पार्टियों के नेता जैसे सस्मित पात्रा, राजीव रंजन सिंह, मुकुल वासनिक, तारिक अनवर, धर्मेंद्र यादव और जॉन ब्रिटास भी शामिल हुए। विदेश सचिव विक्रम मिस्री भी इस बैठक का हिस्सा बने और उन्होंने नेताओं को जानकारी देने की तैयारी की।
#WATCH Delhi: On the all-party meeting, BJP MP Manan Kumar Mishra says, "The purpose of calling the meeting was to clarify the situation, that is, what exactly is going to happen and what is happening. It has been made clear what the situation of the country is… The government… pic.twitter.com/hYic68rAHH
— ANI (@ANI) March 25, 2026
इस बैठक में अलग-अलग दलों के नेता एक साथ आए और मौजूदा हालात पर चर्चा की।
All party meeting today: विपक्ष ने उठाए सवाल
All party meeting today इस बैठक को लेकर विपक्ष की तरफ से कुछ सवाल भी उठाए गए। राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि इस मुद्दे पर सिर्फ जानकारी देने के बजाय संसद में खुलकर बहस होनी चाहिए।
वहीं लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी इस बैठक में शामिल नहीं हो पाए क्योंकि उन्हें केरल में एक कार्यक्रम में जाना था। उनके इस फैसले पर कुछ नेताओं ने नाराजगी भी जताई। विपक्ष के कुछ नेताओं का मानना है कि ऐसे बड़े मुद्दे पर संसद में पूरी चर्चा होनी चाहिए ताकि सभी अपनी राय रख सकें।
पीएम मोदी का बयान और सरकार की तैयारी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद में इस संकट को लेकर देश को सतर्क रहने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि यह स्थिति देश के लिए एक बड़ी परीक्षा हो सकती है और इसके असर लंबे समय तक रह सकते हैं।
सरकार ने इससे निपटने के लिए सात विशेष समूह बनाए हैं जो ईंधन, सप्लाई चेन और खाद जैसी चीजों पर काम करेंगे। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि राज्यों को भी इस स्थिति से निपटने में अहम भूमिका निभानी होगी।

उन्होंने गरीबों और मजदूरों तक योजनाओं का लाभ समय पर पहुंचाने पर जोर दिया ताकि उन्हें परेशानी न हो।
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नेताओं की प्रतिक्रिया और एकजुटता की अपील
इस बैठक को लेकर अलग-अलग नेताओं की प्रतिक्रियाएं भी सामने आईं। बीजेपी सांसद शशांक मणि ने कहा कि सभी दलों को जिम्मेदारी से काम करना चाहिए और साथ मिलकर इस संकट का सामना करना चाहिए।
उन्होंने प्रधानमंत्री की बात को दोहराते हुए कहा कि यह समस्या बाहर से आई है, इसलिए सभी को मिलकर काम करना जरूरी है। वहीं कुछ नेताओं ने राहुल गांधी के बैठक में शामिल न होने पर नाराजगी जताई और इसे गलत संदेश बताया।
कुल मिलाकर इस बैठक में देश के सामने खड़ी चुनौती पर मिलकर काम करने की बात कही गई।
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