होम इंटीरियर प्लेटफॉर्म Livspace ने करीब 1,000 कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया है। यह संख्या कंपनी के कुल कर्मचारियों का लगभग 12% बताई जा रही है। कंपनी ने कहा कि यह फैसला एक चरणबद्ध आंतरिक पुनर्गठन के तहत लिया गया है।
हालांकि, Moneycontrol की एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि प्रभावित कर्मचारियों की संख्या 25% तक हो सकती है। इस बड़े कदम ने कंपनी की मौजूदा स्थिति और भविष्य की रणनीति को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
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Design से Sales तक AI लागू, Livspace में तेज बदलाव

कंपनी का कहना है कि यह छंटनी खर्च कम करने के लिए नहीं, बल्कि संसाधनों के “रणनीतिक पुनर्विनियोजन” के तहत की गई है। Livspace अब खुद को एक AI-नेेटिव संगठन के रूप में विकसित करना चाहती है।
इसके लिए बिक्री, डिजाइन, ऑपरेशंस और मार्केटिंग जैसे मुख्य विभागों में Artifical Intelligence और Automation को गहराई से शामिल किया गया है। कंपनी के अनुसार, कई ऐसे काम जो पहले कर्मचारी मैन्युअली करते थे, अब एडवांस AI एजेंट्स के जरिए किए जा रहे हैं।
Six-month process में AI सिस्टम किया गया लागू
Livspace ने बताया कि यह बदलाव अचानक नहीं हुआ। पिछले छह महीनों में AI सिस्टम को अलग-अलग विभागों में टेस्ट किया गया और धीरे-धीरे लागू किया गया। इसी दौरान कुछ पदों को चरणबद्ध तरीके से खत्म किया गया।
कंपनी का दावा है कि इस प्रक्रिया के दौरान सेवा की गुणवत्ता को बनाए रखा गया। इससे पहले भी Livspace मार्च 2023 में 2% कर्मचारियों की छंटनी कर चुकी है और मई 2020 में कोविड-19 लॉकडाउन के समय लगभग 450 कर्मचारियों को निकाला गया था।
Co-founder Saurabh Jain का इस्तीफा

इन बदलावों के बीच कंपनी में नेतृत्व स्तर पर भी परिवर्तन हुआ है। Livspace के सह-संस्थापक सौरभ जैन ने 11 साल बाद कंपनी से अलग होने का फैसला किया है। उन्होंने अपने व्यक्तिगत रुचियों को आगे बढ़ाने के लिए यह कदम उठाया है। कंपनी ने इस बदलाव की आधिकारिक पुष्टि की है।
lack of funding और profits की राह पर Livspace की स्थिति
2014 में स्थापित Livspace अब तक KKR, Jungle Ventures और Venturi Partners जैसे निवेशकों से 450 मिलियन डॉलर से अधिक की फंडिंग जुटा चुकी है। साल 2022 में KKR के नेतृत्व में 180 मिलियन डॉलर की फंडिंग मिलने के बाद कंपनी यूनिकॉर्न बनी थी।
मार्च 2025 में समाप्त वित्त वर्ष में कंपनी ने 1,460 करोड़ रुपये का राजस्व दर्ज किया और अपने घाटे में 42% की कमी की। हालांकि, पिछले चार वर्षों से बाहरी फंडिंग की कमी और मुनाफे तक पहुंचने की स्पष्ट योजना न होना भी कर्मचारियों की छंटनी के पीछे अहम कारण माने जा रहे हैं।
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देश-विदेश में फैला Livspace का business

Livspace भारत के साथ-साथ दक्षिण-पूर्व एशिया और मध्य-पूर्व में भी काम करती है। कंपनी ने कहा है कि मौजूदा छंटनी उसके AI-आधारित बदलाव का हिस्सा है, लेकिन लगातार फंडिंग की कमी और मुनाफे को लेकर स्पष्ट दिशा न होना भी इस फैसले से जुड़ा हुआ दिखाई देता है।
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