प्रसिद्ध पॉडकास्टर राज शमानी ने अपने नए एपिसोड में फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों को आमंत्रित किया। इस बातचीत में दोनों नेताओं ने फ्रांस-भारत संबंधों, तकनीक, बदलती वैश्विक व्यवस्था और अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप जैसे विषयों पर चर्चा की। बातचीत के दौरान राज शमानी ने मैक्रों से पूछा कि क्या भारत और फ्रांस मिलकर दुनिया के सामने एक उदाहरण पेश कर रहे हैं।

इस सवाल के जवाब में मैक्रों ने दोनों देशों के बीच बढ़ते सहयोग पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ समय में कई अहम क्षेत्रों में साझेदारी मजबूत हुई है और दोनों देश साथ मिलकर काम करने की क्षमता रखते हैं।
Raj Shamani कौन हैं और क्या करते हैं?
राज शमानी एक प्रसिद्ध भारतीय पॉडकास्टर और कंटेंट क्रिएटर हैं। वे अपने पॉडकास्ट में बड़े बिजनेस लीडर्स, उद्यमियों, कलाकारों और अंतरराष्ट्रीय हस्तियों के साथ बातचीत करते हैं। उनका शो खास तौर पर युवाओं के बीच काफी लोकप्रिय है। उनके यूट्यूब चैनल पर कुल 1.5 करोड़ (15 मिलियन) से अधिक सब्सक्राइबर हैं।
राज शमानी अपने इंटरव्यू में सरल और सीधे सवाल पूछने के लिए जाने जाते हैं, जिससे दर्शकों को महत्वपूर्ण विषयों पर स्पष्ट जानकारी मिलती है। वे स्टार्टअप, करियर, नेतृत्व, अंतरराष्ट्रीय संबंध और व्यक्तिगत विकास जैसे विषयों पर चर्चा करते हैं। उनके पॉडकास्ट एपिसोड सोशल मीडिया पर भी व्यापक रूप से साझा किए जाते हैं।
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French President Macron भारत दौरे पर
वे मंगलवार को मुंबई पहुंचे, जहां उनका स्वागत महाराष्ट्र के राज्यपाल आचार्य देवव्रत और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने किया। उनके साथ उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और सुनेत्रा पवार भी मौजूद रहे। उसी दिन उनकी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात तय थी। इस यात्रा को दोनों देशों के बीच संबंधों को और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पॉडकास्ट के बाद मैक्रों भारत यात्रा पर पहुंचे।
Macron’s message on India-France partnership
मैक्रों ने भारत और फ्रांस के रिश्तों को लेकर सकारात्मक रुख दिखाया। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच कई क्षेत्रों में सहयोग की पहल हुई है। उनके अनुसार, यह साझेदारी सिर्फ औपचारिक नहीं है, बल्कि वास्तविक काम और नतीजों पर आधारित है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा, “जब हम साथ आते हैं, तो हम परिणाम देते हैं।” उनका कहना था कि दोनों देशों की सोच और लक्ष्य कई मामलों में एक जैसे हैं।
इसी वजह से साझेदारी मजबूत हुई है। मैक्रों ने इस बात पर जोर दिया कि भारत और फ्रांस का सहयोग सिर्फ कागजों तक सीमित नहीं, बल्कि विभिन्न क्षेत्रों में दिखाई देता है।
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Indian students के लिए फ्रांस में अवसर
मैक्रों ने भारतीय छात्रों के लिए फ्रांस में शिक्षा के अवसरों पर भी बात की। उन्होंने कहा कि जो भारतीय छात्र फ्रांस आना चाहते हैं, उन्हें उच्च गुणवत्ता वाली यूनिवर्सिटियों और स्कूलों में पढ़ाई का मौका मिलेगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पढ़ाई की भाषा अंग्रेजी है, जिससे छात्रों को भाषा की बाधा नहीं होगी।

मैक्रों के मुताबिक, फ्रांस में बड़ी कंपनियां, मजबूत संस्थान और यूरोप का सक्रिय स्टार्टअप और इनोवेशन इकोसिस्टम मौजूद है। उनका कहना था कि फ्रांस शिक्षा, उद्योग और नवाचार का एक अनोखा मिश्रण प्रदान करता है, जो छात्रों के लिए फायदेमंद हो सकता है।
Strategic freedom पर दोनों देशों की समान सोच
बातचीत के दौरान मैक्रों ने यह भी कहा कि भारत और फ्रांस किसी एक बड़ी ताकत पर निर्भर नहीं रहना चाहते। उन्होंने अमेरिका और चीन का जिक्र करते हुए कहा कि दोनों देशों के साथ अच्छे संबंध होना जरूरी है, लेकिन किसी एक पर पूरी तरह निर्भर होना सही नहीं है। मैक्रों के अनुसार, भारत और फ्रांस की अलग-अलग देशों के साथ अपनी-अपनी तरह की साझेदारी है।
उन्होंने कहा कि दोनों देश रणनीतिक स्वतंत्रता को महत्व देते हैं और इसी सोच के समर्थक हैं। इस दृष्टिकोण को उन्होंने एक साझा नीति बताया, जो भविष्य की वैश्विक व्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
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